खुश जिंदगी, खुशी जहान

जिंदगी का असली मतलब खुशियों में ही होता है। चाहे पैसे की कमी हो और जीवन पूरी तरह से खुश हो तो दुनिया की किसी और चीज की जरूरत नहीं पड़ती।

अच्छी हेल्थ है तो खुशियां तमाम है

अगर भोजन में अच्छे पोषक तत्वों वाली चीजों का उपयोग किया जाएगा तो शरीर स्वस्थ रहता है। स्वस्थ रहने से बड़ी दुनिया की कोई खुसी नहीं है।

नपुंसकता से डरें नहीं हमारे एक्सपर्ट की राय लें

स्तंभन दोष (ईडी) (नपुंसकता या इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक ऐसी समस्या है जो शारीरिक रूप से अंतरंग संबंध बनाने के दौरान आपको आती है। जब ऐसा होता है तो रिश्ते में दरार आ सकती है। स्तंभन दोष पुरुषों के लिए एक बहुत ही तनावपूर्ण स्थिति है।

सगे सम्बन्धियों से हो गया है प्यार, हमारे एक्सपर्ट करेंगे उद्धार

अगर आपको भी अपने किसी सगे सम्बन्धी से प्यार हो गया है या हालात ज्यादा नाजुक है तो हमारे ईमेल पर लिख भेजें अपनी समस्या। हमारे एक्सपर्ट देंगे सही राय। आपकी जानकारी भी रखी जाएगी गोपनीय।

असफलताओं से न हो निराश, हमारे एक्सपर्ट करेंगे नैया पार

अगर आप भी बार -बार असफल हो रहे हैं तो निराश न हो हमारे एक्सपर्ट आपकी फ्री में मदद करने के लिए तैयार हैं। आप अपनी समस्या ईमेल पर लिख भेजे और फिर इसके बाद असफल;असफलायें आप से दूर भागने लगेंगीं।

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Tuesday, 17 October 2017

इतने बुरे दिन जब अमिताभ बच्चन को चोरी के लिए पड़ा था जोरदार थप्पड़


इतने बुरे दिन जब अमिताभ बच्चन को चोरी के लिए पड़ा था जोरदार थप्पड़ 

अमिताभ बच्चन 75 साल के हो गए हैं। 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में जन्मे अमिताभ की लाइफ के कई ऐसे किस्से हैं, जो ज्यादातर लोगों ने नहीं सुने होंगे। इस पैकेज में हम उनके कुछ ऐसे किस्से अपने पाठकों के लिए लाए हैं। आइए डालते हैं एक नजर। 
बात तब की है, जब अमिताभ पिता हरिवंश राय बच्चन, मां तेजी और भाई अजिताभ के साथ दशद्वार में रहते थे, जो इलाहाबाद के क्लाइब रोड पर स्थित था। इसी रोड के नजदीक रानी बेतिया की एक कोठी थी, जिसका फाटक हमेशा बंद रहता था और एक दरबान वहां पहरा देता था।
अमिताभ इस कोठी के अंदर जाना चाहते थे, क्योंकि दोस्तों से कोठी और रानी के बारे में उन्होंने कई किस्से सुन रखे थे।

एक दिन अपने दो दोस्तों शशि और नरेश के साथ वे दरबान के पास पहुंचे और कोठी के अंदर जाने की जिज्ञासा जाहिर की। दरबान ने कहा कि अगर वे उसे चवन्नी दे देते हैं तो वह कोठी में जाने की इजाजत दे देगा।
 काफी सोच-विचार के बाद अमिताभ घर गए और उन्होंने ड्रेसिंग टेबल की वह दराज खोली, जिसमें उनकी मां तेजी खुल्ले पैसे डाल दिया करती थीं और चवन्नी चुराकर दरबान को दे दी। दरबान ने चवन्नी ले तो ली, लेकिन कोठी में भेजने के बजाय डांट-डपटकर उन्हें वहां भगा दिया।
जब अमितजी घर पहुंचे तो तेजी ने उनके गाल पर जोरदार थप्पड़ रसीद किया। क्योंकि तेजी को पता चल चुका था कि अमिताभ ने दराज से चवन्नी चुराई है। बाद में पिता ने अमित से इस बारे में पूछा तो किस्से हैं, जो ज्यादातर लोगों ने नहीं सुने होंगे। इस पैकेज में हम उनके कुछ ऐसे किस्से अपने पाठकों के लिए लाए हैं।
 बात तब की है, जब अमिताभ पिता हरिवंश राय बच्चन, मां तेजी और भाई अजिताभ के साथ दशद्वार में रहते थे, जो इलाहाबाद के क्लाइब रोड पर स्थित था। इसी रोड के नजदीक रानी बेतिया की एक कोठी थी, जिसका फाटक हमेशा बंद रहता था और एक दरबान वहां पहरा देता था।
अमिताभ इस कोठी के अंदर जाना चाहते थे, क्योंकि दोस्तों से कोठी और रानी के बारे में उन्होंने कई किस्से सुन रखे थे।

एक दिन अपने दो दोस्तों शशि और नरेश के साथ वे दरबान के पास पहुंचे और कोठी के अंदर जाने की जिज्ञासा जाहिर की। दरबान ने कहा कि अगर वे उसे चवन्नी दे देते हैं तो वह कोठी में जाने की इजाजत दे देगा।
काफी सोच-विचार के बाद अमिताभ घर गए और उन्होंने ड्रेसिंग टेबल की वह दराज खोली, जिसमें उनकी मां तेजी खुल्ले पैसे डाल दिया करती थीं और चवन्नी चुराकर दरबान को दे दी। दरबान ने चवन्नी ले तो ली, लेकिन कोठी में भेजने के बजाय डांट-डपटकर उन्हें वहां भगा दिया।
जब अमितजी घर पहुंचे तो तेजी ने उनके गाल पर जोरदार थप्पड़ रसीद किया। क्योंकि तेजी को पता चल चुका था कि अमिताभ ने दराज से चवन्नी चुराई है। बाद में पिता ने अमित से इस बारे में पूछा तो उन्होंने सब सच-सच बता दिया। पिता ने उन्हें समझाया कि चोरी करनी अच्छी बात नहीं है। अमिताभ ने यह बात गांठ बांध ली।अमिताभ बच्चन जब शेरवूड स्कूल, नैनीताल में पढ़ रहे थे, तब के कई रोचक किस्से हैं। इनमें से एक किस्सा कुछ यूं है। शेरवूड स्कूल के साथ एक सिस्टर स्कूल था, जिसका नाम 'ऑल सेंट्स' था। स्‍कूल की बिल्डिंग ऊपर थी और खेलने के लिए नीचे मैदान में जाना पड़ता था। उससे नीचे की ओर टेनिस कोर्ट था।
ऑल सेंट्स' में एक बड़ी-सी दीवार बनाई गई थी, ताकि लड़के ताका-झांकी न कर सकें। लेकिन अमिताभ और उनके दोस्त खेल के लिए मैदान में जाने के बहाने दीवार तक जाते और उसपर चढ़कर किसी भी लड़की को कहते थे कि क्या तुम फलां लड़की को बुला सकती हो। इस बात की चर्चा लड़कों में अक्सर होती थी कि कौन उस दीवार तक गया है।
बात तब की है, जब अमिताभ पिता हरिवंश राय बच्चन, मां तेजी और भाई अजिताभ के साथ दशद्वार में रहते थे, जो इलाहाबाद के क्लाइब रोड पर स्थित था। इसी रोड के नजदीक रानी बेतिया की एक कोठी थी, जिसका फाटक हमेशा बंद रहता था और एक दरबान वहां पहरा देता था।
अमिताभ इस कोठी के अंदर जाना चाहते थे, क्योंकि दोस्तों से कोठी और रानी के बारे में उन्होंने कई किस्से सुन रखे थे।
एक दिन अपने दो दोस्तों शशि और नरेश के साथ वे दरबान के पास पहुंचे और कोठी के अंदर जाने की जिज्ञासा जाहिर की। दरबान ने कहा कि अगर वे उसे चवन्नी दे देते हैं तो वह कोठी में जाने की इजाजत दे देगा।
काफी सोच-विचार के बाद अमिताभ घर गए और उन्होंने ड्रेसिंग टेबल की वह दराज खोली, जिसमें उनकी मां तेजी खुल्ले पैसे डाल दिया करती थीं और चवन्नी चुराकर दरबान को दे दी। दरबान ने चवन्नी ले तो ली, लेकिन कोठी में भेजने के बजाय डांट-डपटकर उन्हें वहां भगा दिया।
जब अमितजी घर पहुंचे तो तेजी ने उनके गाल पर जोरदार थप्पड़ रसीद किया। क्योंकि तेजी को पता चल चुका था कि अमिताभ ने दराज से चवन्नी चुराई है। बाद में पिता ने अमित से इस बारे में पूछा तो उन्होंने सब सच-सच बता दिया। पिता ने उन्हें समझाया कि चोरी करनी अच्छी बात नहीं है। अमिताभ ने यह बात गांठ बांध ली।
लड़कियों को देखने के लिए दीवार पर चढ़ जाते थे
अमिताभ बच्चन जब शेरवूड स्कूल, नैनीताल में पढ़ रहे थे, तब के कई रोचक किस्से हैं। इनमें से एक किस्सा कुछ यूं है। शेरवूड स्कूल के साथ एक सिस्टर स्कूल था, जिसका नाम 'ऑल सेंट्स' था। स्‍कूल की बिल्डिंग ऊपर थी और खेलने के लिए नीचे मैदान में जाना पड़ता था। उससे नीचे की ओर टेनिस कोर्ट था।
ऑल सेंट्स' में एक बड़ी-सी दीवार बनाई गई थी, ताकि लड़के ताका-झांकी न कर सकें। लेकिन अमिताभ और उनके दोस्त खेल के लिए मैदान में जाने के बहाने दीवार तक जाते और उसपर चढ़कर किसी भी लड़की को कहते थे कि क्या तुम फलां लड़की को बुला सकती हो। इस बात की चर्चा लड़कों में अक्सर होती थी कि कौन उस दीवार तक गया है।

फिल्मों में आने से पहले ये एक्टर चराता था भैसें और आज बन गया करोडपति


फिल्मों में आने से पहले ये एक्टर चराता था भैसें और आज बन गया करोडपति 

हेल्प इंडिया। दोस्तों आज मैं राजपाल यादव के बारे में जो बताने जा रहा हूँ उसे सुनकर शायद आपके कान विश्वास न करें मगर सच्चाई तो सच्चाई होती हैं। एक इंटरव्यू में राजपाल ने जो बताया वो वास्तव में अविश्वनीय हैं -
राजपाल बताते हैं, मैं किसान परिवार से ताल्लुक रखता हूं। मैंने अपने पिता से काफी बातें सीखी हैं। उनकी एक सीख मुझे हमेशा याद रहती है। बचपन में वो दो बैलों के साथ हल चलाते थे। साथ ही में वो तीसरे बैल को जबरदस्ती लगाए रहते थे। वह फालतू में पूरे खेत में घुमता था। मैंने एक बार पूछा कि दो बैल तो हल में लगे हैं, फिर तीसरे को क्यों लगा रखा है। तो बाबू जी बोले- तीसरा बैल पूरा खेत घूम लेगा तो इसे मालूम हो जाएगा कि खेत में जुताई के वक्त चलते कैसे हैं। अगली बार यह काम आसानी से करेगा। मैंने यही सीखा कि किसी चीज का शॉर्टकट नहीं होता, हर चीज का एक्सपीरिएंस लेना जरूरी है।

 फिल्म के प्रमोशन के लिए राजपाल यादव के बड़े भाई श्रीपाल यादव भी मौजूद थे। उन्होंने बताया, पिताजी ने हम दोनों को भैंस चराने की जिम्मेदारी दी थी। हम बारी-बारी से यह काम करते थे। हम भाइयों को कुश्ती लड़ने का भी बहुत शौक था। भैंस चराते वक्य यह शौक भी पूरा करते थे। जहां भैंस चरने के लिए खड़ी हो जातीं, हम दोनों वहीं शुरू हो जाते।बता दें कि बॉलीवुड के बेस्ट कॉमिक एक्टर्स में शुमार राजपाल की नेटवर्थ करोड़ों में है। इसलिए ज्वाइन की पॉलिटिक्स
 राजपाल यादव ने बताया, बॉलीवुड में एंट्री से पहले मैंने बहुत संघर्ष किया है। मैं गरीबी में पला-बढ़ा हूं, शायद इसलिए अपने कुछ किरदार बेहतर ढंग से निभा पाता हूं, क्योंकि मैंने उस परिस्थिति का अनुभव किया है। अब मैं पॉलिटिक्स के जरिए किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहता हूं। यूथ को रोजगार देना चाहता हूं।
जुड़वां-2 पर उन्होंने कहा कि यह ऐसी फिल्म है जिसे एक बार थिएटर में देखने जाएंगे तो दो दिन तक हंसेंगे। तीसरे दिन फिर देखने का मन होगा।
अमिताभ से मिलना था एक ड्रीम

 एनएसडी से कोर्स करने के बाद जब मुंबई गया तो दिमाग में एक ही बात चलती थी, अमिताभ बच्चन से बात करने का मौका कब मिलेगा, उनके साथ एक्टिंग कभी कर पाऊंगा या नहीं। पांच साल इंडस्ट्री में बिताने के बाद मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला। हमने 'आन' फिल्म में साथ काम किया था। बिग बी के साथ पहली मुलाकात के बाद मैंने घर पहुंचकर लगभग एक घंटे तक उन्हीं के बारे में बात की थी।

Sunday, 8 October 2017

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की ये खबर सुनकर आप भी खुसी से झूम उठेंगे



सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की ये खबर सुनकर आप भी खुसी से झूम उठेंगे 

हेल्प इंडिया।दोस्तों बड़ी खुसी की बात है सदी के महानायक के सम्बन्ध में जिसे सुनकर आप भी उछल पड़ेंगे।

 आज हमारे महानायक के ट्विटर पर फलोवेर्स की संख्या ३० मिलियन हो गई हैं। लोगों का बधाईयाँ देने का ताँता सा लगा है। आखिर लगे भी क्यों न सब के प्रिय इतने हैं कि भारत के बहुत लोग उन पर अपनी जान छिदकतें हैं।

 दोस्तों मैं बात कर हूँ बालीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन जी के बारे में। आज ट्विटर पर लोग बधाइयाँ दे रहे है। उनके ट्विटर पर ३० मिलियन फालोवर हो गएँ हैं।

74 साल की उम्र के पड़ाव को पार करने के बाद भी उनका अभिनय देखकर ऐसा लगता ही नहीं की इनकी उम्र 74 वर्ष हो गई है ।

Friday, 6 October 2017

ब्रेकिंग न्यूज : नया पासपोर्ट बनवाने के लिये नहीं कराना होगा पुलिस से सत्यापन, नया नियम


ब्रेकिंग न्यूज : नया पासपोर्ट बनवाने के लिये नहीं कराना होगा पुलिस से सत्यापन, नया नियम


हेल्प इंडिया। केंद्र सरकार ने 200 9 में यूपीए सरकार द्वारा पहली बार अवधारणा के लिए अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम प्रोजेक्ट (सीसीटीएनएस) के साथ प्रक्रिया को मर्ज करने की योजना बनाई है; यह एक नया पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए शारीरिक पुलिस सत्यापन करने की आवश्यकता को समाप्त करेगा।
सीसीटीएनएस के कार्यान्वयन के साथ, पुलिस सत्यापन की मैनुअल प्रक्रिया कुछ ही क्लिकों के साथ सरल हो सकती है। इसके अलावा, पुरानी प्रक्रिया जो स्थानीय पुलिस अधिकारियों को रिश्वत देने के बाद हुई जब वे पते और पहचान को सत्यापित करने आए तो रोक दी जाएगी।
केंद्रीय गृह सचिव राजीव मेहरिशी ने कहा कि सीसीटीएनएस, अपराधों और अपराधियों का एक विस्तृत राष्ट्रीय डेटाबेस, विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट सेवा से जुड़ा होने की संभावना है। सीसीटीएनए एक क्लिक के साथ आवेदकों के पिछले इतिहास और पृष्ठभूमि की जांच करेगा।
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जीएसटी प्रशिक्षण कार्यक्रम द्वारा दो लाख युवाओं को मिलने वाला है रोजगार, कैसे करें आवेदन


जीएसटी प्रशिक्षण कार्यक्रम द्वारा दो लाख युवाओं को मिलने वाला है रोजगार, कैसे करें आवेदन

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत सरकार ने शनिवार को एक जीएसटी तैयारी कार्यक्रम शुरू किया है । इस कार्यक्रम के माध्यम से लगभग दो लाख लोगों को तैयार किया जाएगा, और वे तैयार किए गए लोग विशेष रूप से डोमेन में मदद करेंगे , उदाहरण के लिए, नए दायित्व संगठन के तहत लागत के खतरे का चयन और गणना। कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रुडी ने एक घटना में कहा, कौशल भारत मिशन की दूसरी मान्यता, कि यह तत्परता कार्यक्रम 14 राज्यों में पूरा हो जाएगा।
रूडी को जल संसाधन मंत्री उमा भारती के साथ, तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, स्वास्थ्य मंत्री जे। पी। नड्डा, कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी और ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ध्यान से देश में 100 जगह प्रशिक्षण केंद्र शुरू कर पाठ्यक्रम शुरू किए।
इसी तरह से 51 नए पीएमकेवीवाई के अलावा मूल्यांकनकर्ताओं और सलाहकारों के लिए राष्ट्रीय प्रवेश द्वार पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इसके साथ, पीएमकेवीवाई की कुल संख्या 200 हो गई है
बस कुछ ही दिन पहले ही सरकार ने एक ऐप 'जीएसटी रेट फाइंडर' का शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से एक बिना किसी विशेष बात पर जीएसटी दर की जांच कर सकता है। इन सभी प्रयासों को व्यापार को प्रोत्साहित करने और नए जीएसटी प्रशासन में हर रोज़ कार्यवाही के लिए सरकार की गतिविधि के रूप में देखा जा सकता है।

Tuesday, 3 October 2017

फिल्म काली टोपी लाल रूमाल में खलनायक की भूमिका किसने निभाई थी, नाम सुनकर हो जायेगे हैरान



फिल्म काली टोपी लाल रूमाल में खलनायक की भूमिका किसने निभाई थी, नाम सुनकर हो जायेगे हैरान 

हेल्प इंडिया। फ़िल्म काली टोपी लाल रूमाल तो लगभग सभी लोगों ने देखी होगी, इस फ़िल्म में एक महत्वपूर्ण किरदार था इस फ़िल्म का खलनायक जिसकी हम पूरी फ़िल्म में शक्ल ही नहीं देख पाते और जब अंत में इसका मुखौटा उठाया जाता है ,तब सभी दर्शकों के होश उड़ जाते है उस किस्दार को देख कर। क्या आप जानते है की फ़िल्म काली टोपी लाल रूमाल में खानायक की भूमिका किसने निभाई थी। शायद आप लोगों का जबाब होगा नहीं। मैं आपको उस खलनायक का नाम बताता हूँ। फ़िल्म काली टोपी लाल रूमाल में खलनायक की मुख्य भूमिका अलोक नाथ ने निभाई थी। आप को विश्वाश नहीं हो रहा होगा। मगर ये सत्य है क्योकि जयादा टार अलोक जी ने पिता की भूमिकाये की हैं और उनकी फिल्मे काफी हिट भी रहीं हैं।

अलोक नाथ का जीवन परिचय 
आलोक नाथ का जन्म 10 जुलाई 1956 हुआ था।एक भारतीय फिल्म चरित्र अभिनेता हैं जो हिंदी सिनेमा और टेलीविजन में अपने कामों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 1982 की फिल्म गांधी के साथ अपनी पहली फिल्म बनाई, जिसने उस वर्ष सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए अकादमी पुरस्कार जीता। वह सोप ओपेरा रिश्ते  में दिखाई दिखाई दिए , जो 1999-2001 में प्रसारित किया गया था वह स्टार प्लस धारावाहिक सपना बाबुल की बिदाई  में दिखाई दिए। बाद में उन्होंने यहाँ मैं घर घर खेली में काम किया, ये रिश्ता क्या कहता है में भी काम किया ।

30 दिसंबर 2013 को, आलोक नाथ द्वारा निभाई गई पात्रों के आधार पर मजाक और मेम ने सोशल मीडिया पर प्रारम्भ करना शुरू कर दिया और जल्दी से ये फैल गया । आलोक नाथ ने बहुत सी फिल्मो में काम किया किया जिनमे से कुछ ख़ास फिल्मे है-हम आपके हैं कौन,हम साथ साथ हैं ,आज की आबाज ,कच्ची कलि ,मोहरे ,मरते दम तक ,कयामय से क़यामत तक ,हमारा खानदान ,अग्निपथ और सी आई डी।
इस समय क्या कर रहे हैं अलोक नाथ 
इस समय आलोकनाथ जी हिंदी टेलीविजन में धारावाहिक में काम कर रहे है और अपने जिन्दगी से खुस हैं.

Sunday, 24 September 2017

इस रिक्शे वाले किया कुछ ऐसा जिसे सुनकर आप भी सीख जायेंगे इंसानियत

इस रिक्शे वाले किया कुछ ऐसा जिसे सुनकर आप भी सीख जायेंगे इंसानियत

हेल्प इंडिया। दोस्तों दुनियां में कुछ लोग बुरे होते हैं तो कुछ लोग भलाई और इंसानियत की मिसाल होते हैं। आदमी गरीब हो या अमीर ये मायेने नहीं रखता मायेने रखती है उसकी इंसानियत। दोस्तों  मैं आप को जो भी बताने जा रहा हूँ वह वास्तव में एक मिशाल है। बात है 23/09/२०१७ की लगभग सुबह का 10.30 बज रहा था। स्थान आई ओन डिजिटल जोन जानकीपुरम लखनऊ की। मेरी भी आईबीपीएस क्लर्क की प्रारंभिक परीक्षा इसी स्थान पर थी। परीक्षा हाल में प्रवेश से पहले पहचान स्वारूप एक आई डी देखी जा रही थी ,मेरे आगे लाइन में लगे एक लडके को परीक्षा देने से कोई आईडी न दिखाने के कारण प्रवेश देने से मना कर दिया। लड़का बहुत परेशान था ,यहाँ तक वो रो -रो कर बताने लगा कि मै अपना आधार कार्ड लाया था, और वो रास्तें में कहीं गायब हो गया ,मगर वहां उसकी कोई सुनने वाला नहीं था। मै भी क्या करता अतः मै परिक्षा कक्ष में चला गया। लड़का बहुत ही दुखी था ,और बार -बार प्रवेश देने की मिन्नतें कर रहा था। किन्तु उसकी कोई सुनने वाला नहीं था। परीक्षा शुरू होने में सिर्फ दस मिनट बचा था। तभी एक रिक्शे वाला तेजी से रिक्शा भगाता हुआ आई ओन डिजिटल जोन में में घुस पडा। वहां खड़े गार्ड उसे रोकने की काफी कोशिश करते रहे मगर रिक्शे वाला नहीं रुका और रुका वहाँ जहां सारा स्टाफ खडा था। सभी लोग अचंभित थे कि आखिर ये रिक्शे वाला किसी की बात नहीं मान रहा और चला आ रहा है। रिक्शे वाले ने हांफते हुए रिक्शा रोंका और पहले उतर सभी स्टाफ से माफी मांगी और बोला ,सर मै एक लडके को लेकर आया था और उसका गलती से आधार कार्ड मेरे रिक्शे में छूट गया था। मै वापस 4 किलोमीटर निकल चुका था मगर जब मेरी नजर इस आधार कार्ड पर पडी ,तो मैंने अपनी सभी सबारियों को वहीं छोड़ा और  भागता हुआ आ गया ,आखिर सबाल  किसी की जिन्दगी का था। वह आधार उसी लडके का था जो खड़ा रो रहा था ,आधार मिलते ही लडके के जान में जान आयी और रिक्शे वाले को धन्यवाद दिया और अन्दर प्रवेश कर गया। वहाँ खडा सारा स्टाफ समझ नहीं पा रहा था कि एक रिक्शे वाला भी इतना महान काम कर  सकता है। 

Friday, 22 September 2017

इस महिला की निर्दयता को देख कर आप भी अपना गुस्सा नहीं रोंक पाएंगे

इस महिला की निर्दयता को देख कर आप भी अपना गुस्सा नहीं रोंक पाएंगे 

इस वीडियो में जो लेडीज है यह शायद हो सकता है की भारत मे कोई अनाथ आश्रम चला रही हो और इसकी आड़ मे यह खूब धन भी बटोर रही हो इसने बच्चो के साथ जो किया है.वह बहुत ही दर्द नाक है .अक्सर महिलाएं दयालू स्वाभाव की होतीं है ,मगर इस महिला का यह रूप देख कर आप अपना भी गुस्सा नहीं रों पाएंगे .इसका इन छोटे बच्चों के साथ व्यवहार बड़ा ही निंदनीय है .वीडिओ में देखिये ये महिला बारी -बारी से बच्चों को निर्दयता से पीट रही है .मैं आप लोगों से आशा करूंगा कि इस वीडिओ को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि इस महिला की पहचान हो सके और इसे पकड़ा जा सके .देखें वीडियो



पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई की हादसे में मौत, पूरा इटावा हुआ शोकमय

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई की हादसे में मौत, पूरा इटावा हुआ शोकमय

हेल्प इंडिया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के परिवार पर दुःख का साया आया है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव परिवार से जुड़ी एक बेहद बुरी खबर है। इस खबर को सुनकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित पूरा यादव परिवार गहरे सदमे में हैं।खबरों के अनुसार पता चला है कि  खबर है कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई की हादसे में मौत हो गई है।यह दुःख भरी खबर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गृह जनपद  इटावा से मिली है।इटावा में  पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव  के परिवार में एक रिश्तेदार की अकस्मात मृत्यु हो गई है।खबरों के अनुसार पता चला है कि खबर है कि मुलायम सिंह यादव के साले के लड़के दुर्वेश पर कोई काम कर रहे थे वही किसी तरह से करंट लगाने से दुर्गेश यादव की मौत हो गई  है।दुर्गेश यादव इटावा के रैपुरा गाँव के रहने वाले थे।दुर्वेश यादव पूर्व सीएम अखिलेश यादव के रिश्ते में ममेरे भाई लगते हैं।खबरों के अनुसार पता चला है कि उनका कल अंतिम संस्कार होगा। अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है मुलायम सिंह यादव और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दुर्गेश के अंतिम संस्कार में इटावा पहुंचेंगे या नहीं। यादव परिवार के लिए यह बड़ा ही  दुखद समय है। भगवान मृतक की आत्मा को शांति और उनके परिवार को यहहदुःख सहने की शक्ती दे।   

Wednesday, 20 September 2017

आपका कौन है सबसे प्रिय नेता, किसको देंगें 2019 में अपना अमूल्य मत, अपनी कीमती राय जरूर दें


आपका कौन है सबसे प्रिय नेता, किसको देंगें 2019 में अपना अमूल्य मत, अपनी कीमती राय जरूर दें 

हेल्प इंडिया। दोस्तों आज मै आप लोगों से कुछ सबाल पूंछने वाला हूँ ,और आप उनका सही जबाब देना। वैसे अगर देखा जाय तो आज के जमाने में लोगों ने राजनीति को धन उगाही का जरिया समझ रखा है। राजनीति का असली अर्थ अगर समझा जाय तो जनता का नेता और जनता की सेवा करने वाला होता है। मगर आज के समय में अगर आप चिराग लेकर निकलेगे तो भी ऐसा नेता आपको ढूँढने से नहीं मिलेगा। जब वोट का समय आता है तो जनता से बड़े -बड़े वादे किये जाते हैं और जीत जाने के बाद उस क्षेत्र में जाना भी नहीं पसंद करते। जनता पांच साल तक दर-दर की ठोकरें खाती घूमती रहती और हमारे नेता जी का पता ही नहीं लगता। अगर मिल भी गए तो आपको पहचानते नहीं,और बहुत सी बातें बना कर अपना पीछा छुड़ा लेते हैं। हमारे देश में ऐसे भी नेता हुए है जो प्रधानमंत्री रहते हुए भी दो जोड़ी कपड़ों से ज्यादा कपड़े नहीं बनवा पाए या ऐसे कहें कि वो इतनी देश भक्ती में लीन थे कि उन्हें देश के आगे अपना ख्याल ही नहीं था। आज के ज़माने में तो लगभग हर नेता भ्रष्टाचार में लिप्त है। कुछ को छोड़कर अगर नेताओं की  जन्म कुण्डली निकाली जाय तो सी बी आई भी जाँच करते -करते थक जायेगी। खैर छोड़ो ये आज कल के नेता होते ही ऐसे हैं। अब मैं अपने मुख्य मुद्दे पर आता हूँ ,और आपसे जानना चाहता हूँ कि आप किस नेता को पसंद करते हैं ,और किस नेता को २०१९ के चुनाव में वोट देंगें ,अगर आप किसी नेता को वोट देगे तो उसमे क्या खूबी है जिस लिए आप उस नेता को वोट देंगें। मै अआप को विकल्प के रूप में कुछ नेताओं के नाम देता हूँ आप इनके अतिरिक्त भी बता सकते हैं।
विकल्प -A-नरेन्द्र मोदी  B-राहुल गांधी  C-केजरीवाल D-मायावती E-अखिलेश यादव F-अन्य (अन्य में अपने प्रिय नेता का नाम लिख सकते हैं )

Tuesday, 19 September 2017

कलयुग में सिर्फ इस देवता में है शक्ति जो मुर्दे को भी कर सकता है जिन्दा


कलयुग में सिर्फ इस देवता में है शक्ति जो मुर्दे को भी कर सकता है जिन्दा 

हेल्प इंडिया। दोस्तों मै आपको एक ऐसे देवता के बारे में बताने जा रहा हूँ ,जो कलयुग में भी ज़िंदा है और उसमे मरे हुए आदमी को भी ज़िंदा करने की शक्ती है। मै समझ रहा हूँ कुछ लोग तो जान भी गए भी होंगे,कि मैं किसके बारे में बात कर रहा हूँ।

कुछ लोग ऐसे भी होंगे जो इस नाम से परिचित भे नहीं होंगे। चलिए मैं आप को बताता हूँ, मै बात कर रहा हूँ महा योगी शिवअवतारी गुरु गोरख नाथ महाराज के बारे मैं। गोरख नाथ द्वारा मृत संजीवनी विद्या थी,जिसकी उन्होंने सिद्धी प्राप्त की थी। जिसके कारण वह किसी भी मृत व्यक्ति को जीवित कर सकते थे।

कई पुस्तकों और कहानियों में सुनने को मिलता है कि इन्होने अपने कई शिष्यों को अपनी इस विद्या के माध्यम से जीवीत किया। इनकी पूजा करने से भी सभी मनोंकामनाएं पूरी होतीं हैं। गोरखनाथ का प्रसिद्द मंदिर गोरखपुर और हनुमानगढ़ जिले में गोरख टीले के नाम से काफी मशहूर है। लाखों की संख्या में भक्त इनके दर्शन करने जाते हैं। इनकी पूजा बहुत ही साधारण होती है ,इसमें बहुत सामान्य चीजों का ही प्रयोग होता है। इनके प्रसन्न होने पर ये आपकी हर मनोकामना को पूरा करते है। 

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तेरी मेहरबानियाँ फिल्म में गूंगे का किरदार किसने निभाया था और इस समय उसकी क्या हालत है

 

तेरी मेहरबानियाँ फिल्म में गूंगे का किरदार किसने निभाया था और इस समय उसकी क्या हालत है 

हेल्प इंडिया। दोस्तों तेरी मेहरबानियाँ फिल्म तो लगभग सभी लोगों ने देखी होगी ,मगर उस फ़िल्म में गोपी नाम के गूंगे किरदार को किसने निभाया था। आपको शायद इसकी जानकारी नहीं होगी ,तो चलो मै आपको उस किरदार का असली नाम बताते हैं।तेरी मेहरबानियाँ फिल्म गूंगे गोपी का किरदार राज किरन महतानी ने निभाया था। राज किरान महतानी एक बॉलीवुड अभिनेता हैं।इनका जन्म  मुंबई में एक सिंधी परिवार में पैदा हुआ , उन्होंने 1970 के दशक के मध्य में अपने करिअर की शुरुआत की, और लगभग 100 फिल्मों में काम किया था , करज, बेगुन, बसरा, मान अभिमन, आर्थर और तेरी मेहरबानियाँ उनकी सबसे यादगार फिल्मों में से कुछ थे।
इस समय है इनका बुरा हाल 

इन फिल्मों में काम करने के बाद वह फिल्म उद्धोग से गायब हो गए। बाद में खबरों से पता चला कि वह  अमेरिका में रह रहे हैं। कुछ दिन बाद अभिनेता ऋषि कपूर ने उन्हें अटलांटा में एक शरण में पाया जहां वह मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं।
2011 में, उनकी बेटी ने एक सार्वजनिक बयान जारी किया जिसमें कहा कि राज किरण अटलांटा में रह रहे हैं । पिछले आठ वर्षों से मै और मेरा परिवार न्यूयॉर्क पुलिस और निजी जासूसों की मदद से उनकी लिए तलाश कर रहा था ।उनका आखिरी अभिनय 1994 में शेखर सुमन के साथ एक टीवी धारावाहिक रिपोर्टर में देखने को मिला था