खुश जिंदगी, खुशी जहान

जिंदगी का असली मतलब खुशियों में ही होता है। चाहे पैसे की कमी हो और जीवन पूरी तरह से खुश हो तो दुनिया की किसी और चीज की जरूरत नहीं पड़ती।

अच्छी हेल्थ है तो खुशियां तमाम है

अगर भोजन में अच्छे पोषक तत्वों वाली चीजों का उपयोग किया जाएगा तो शरीर स्वस्थ रहता है। स्वस्थ रहने से बड़ी दुनिया की कोई खुसी नहीं है।

नपुंसकता से डरें नहीं हमारे एक्सपर्ट की राय लें

स्तंभन दोष (ईडी) (नपुंसकता या इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक ऐसी समस्या है जो शारीरिक रूप से अंतरंग संबंध बनाने के दौरान आपको आती है। जब ऐसा होता है तो रिश्ते में दरार आ सकती है। स्तंभन दोष पुरुषों के लिए एक बहुत ही तनावपूर्ण स्थिति है।

सगे सम्बन्धियों से हो गया है प्यार, हमारे एक्सपर्ट करेंगे उद्धार

अगर आपको भी अपने किसी सगे सम्बन्धी से प्यार हो गया है या हालात ज्यादा नाजुक है तो हमारे ईमेल पर लिख भेजें अपनी समस्या। हमारे एक्सपर्ट देंगे सही राय। आपकी जानकारी भी रखी जाएगी गोपनीय।

असफलताओं से न हो निराश, हमारे एक्सपर्ट करेंगे नैया पार

अगर आप भी बार -बार असफल हो रहे हैं तो निराश न हो हमारे एक्सपर्ट आपकी फ्री में मदद करने के लिए तैयार हैं। आप अपनी समस्या ईमेल पर लिख भेजे और फिर इसके बाद असफल;असफलायें आप से दूर भागने लगेंगीं।

Tuesday, 19 September 2017

तेरी मेहरबानियाँ फिल्म में गूंगे का किरदार किसने निभाया था और इस समय उसकी क्या हालत है

 

तेरी मेहरबानियाँ फिल्म में गूंगे का किरदार किसने निभाया था और इस समय उसकी क्या हालत है 

हेल्प इंडिया। दोस्तों तेरी मेहरबानियाँ फिल्म तो लगभग सभी लोगों ने देखी होगी ,मगर उस फ़िल्म में गोपी नाम के गूंगे किरदार को किसने निभाया था। आपको शायद इसकी जानकारी नहीं होगी ,तो चलो मै आपको उस किरदार का असली नाम बताते हैं।तेरी मेहरबानियाँ फिल्म गूंगे गोपी का किरदार राज किरन महतानी ने निभाया था। राज किरान महतानी एक बॉलीवुड अभिनेता हैं।इनका जन्म  मुंबई में एक सिंधी परिवार में पैदा हुआ , उन्होंने 1970 के दशक के मध्य में अपने करिअर की शुरुआत की, और लगभग 100 फिल्मों में काम किया था , करज, बेगुन, बसरा, मान अभिमन, आर्थर और तेरी मेहरबानियाँ उनकी सबसे यादगार फिल्मों में से कुछ थे।
इस समय है इनका बुरा हाल 

इन फिल्मों में काम करने के बाद वह फिल्म उद्धोग से गायब हो गए। बाद में खबरों से पता चला कि वह  अमेरिका में रह रहे हैं। कुछ दिन बाद अभिनेता ऋषि कपूर ने उन्हें अटलांटा में एक शरण में पाया जहां वह मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं।
2011 में, उनकी बेटी ने एक सार्वजनिक बयान जारी किया जिसमें कहा कि राज किरण अटलांटा में रह रहे हैं । पिछले आठ वर्षों से मै और मेरा परिवार न्यूयॉर्क पुलिस और निजी जासूसों की मदद से उनकी लिए तलाश कर रहा था ।उनका आखिरी अभिनय 1994 में शेखर सुमन के साथ एक टीवी धारावाहिक रिपोर्टर में देखने को मिला था 

Monday, 18 September 2017

इस फ़ोन को नहीं खरीद सकती देश की 80 प्रतिशत जनता ,कारण जानकर हो जायेंगे हैरान

इस फ़ोन को नहीं खरीद सकती देश की 80 प्रतिशत जनता ,कारण जानकर हो जायेंगे हैरान 


इस फोन को नहीं खरीद सकती देश की 80 प्रतिशत जनता, कारण जानकर हो जायेंगे हैरान
हेल्प इंडिया। दोस्तों आज मै बात करूँगा आई फ़ोन 8 सीरीज के जोकि भारत में लांच हो चुकी है। इस फ़ोन में जहाँ एक तरफ कमल के फीचर हैं वहीं दूसरी तरफ इसकी कीमत है कि इसे आम जनता तो दूर मिडिल क्लास के लोगों को खरीदना भी बहुत भारी पड़ेगा। आई फ़ोन ८ के दो फ़ोन एक साथ लांच हो रहे हैं। आईफोन 8 की कीमत 699 डॉलर से शुरू होगी जो भारत में 64 हजार रुपये में मिलेगा।वहीं दूसरी तरफ आईफोन 8+ की कीमत 799 डॉलर से शुरू है जो भारत में 70 हजार रुपये के ऊपर जा सकती है।
अब मै कहूंगा कि इतना महँगा फ़ोन खरीदना देश की 80 प्रतिशत जनता के बस की बात नहीं है। जहाँ मै इस बात से सहमत हूँ कि इसके फीचर कमाल के हैं,मगर इसकी कीमत इतनी ज्यादा है कि इसको खरीदना इतना आसान भी नहीं है। इन फ़ोनों के फीचर बेहद लुभावने हैं। अब मै इनके फीचर पर बात करता हूँ
आईफोन ८ और आईफोन 8+फीचर्स 
ये दोनों फोन ग्लास फ्रंट और बैक के साथ सिल्वर, स्पेस ग्रे, न्यू गोल्ड कलर में लॉन्च हुए हैं। नए आईफोन का ग्लास अब तक का सबसे ड्यूरेबल ग्लास है। यह भी वॉटर और डस्ट रेजिस्टेंट खूबियों से लैस है। वायरलेस चार्जिंग के साथ इसमें भी 3D टच और टू टोन डिस्प्ले है। 7000 सीरीज अल्युमिनियम, लेजर वेल्डेड स्टील और कॉपर स्ट्रक्चर के साथ आईफोन 8 का स्क्रीन साइज 4.7 इंच है। आईफोन 8+ का डिस्प्ले 5.5 इंच है। दोनों ही फोन में 12 मेगापिक्सल कैमरा है।
 आईफोन 8, 8+ और X की आपस में तुलना 
कीमत-भारत में आईफोन X की कीमत 89 हजार रुपये से शुरू होगी, वहीं आईफोन 8+ की कीमत 70 हजार रुपये से ऊपर जा सकती है और आईफोन 8 की कीमत 64 हजार रुपये होगी।
डिस्प्ले-आईफोन X में 5.8 इंच का सुपर रेटिना HD डिस्प्ले होगा। आईफोन 8+ में 5.5 इंच और 8 में 4.7 इंच का रेटिना HD डिस्प्ले है।
कैमरा- आईफोन X और 8+ में में 12MP का वाइड ऐंगल और टेलिफोटो कैमरा है। आईफोन 8 में सिंपल 12MP कैमरा है।
फ्रंट कैमरा-आईफोन X में 7MP ट्रूडेप्थ फ्रंट कैमरा है वहीं 8 और 8+ में 7MP फेसटाइम HD कैमरा है।
अनलॉक- आईफोन X में फोन अनलॉकिंग के लिए फेस आईडी की सुविधा है वहीं 8 और 8+ में टच आईडी की सुविधा है।
बैटरी-आईफोन X की बैटरी आईफोन 7 से 2 घंटे ज्यादा चलेगी वहीं 8+ की बैटरी 7+ जितनी और 8 की बैटरी 7 जितनी ही चलेगी।
चार्जिंग- तीनों में वायरलेस चार्जिंग है।
टच-तीनों में 3D टच की सुविधा है।
दोस्तों इतनी सारी खूबियाँ देखकर मन ललचाना संभव है ,मगर इनकी कीमत इतनी ज्यादा होने के कारण हमारा इन फ़ोनों के आस पास भटकना  भी मुश्किल पड़ रहा है।

भूल कर भी पीरियड्स के समय न करें ये काम वरना पड़ सकता है पछताना


भूल कर भी पीरियड्स के समय न करें ये काम वरना पड़ सकता है पछताना 

हेल्प इंडिया। दोस्तों आज मै महिलाओं के सम्बन्ध में एक लेख लिख रहा हूँ। महिलाओं में मासिक धर्म का आना तो एक सामान्य प्रक्रिया है और अगर मासिक धर्म समय पर नहीं आता तो यह एक संमस्या होती है। आज मै आप को बताने जा रहा हूँ कि मासिक धर्म के समय ये काम भूल कर भी नहीं करने चाहिए ,नहीं तो काफी समस्याएं पैदा हो सकतीं हैं। 
मासिक धर्म के समय कपडे तंग नहीं पहनने चाहिए 
मासिक धर्म के दौरान बहुत तंग कपड़े पहनना सही नहीं है. इन दिनों ऐसे कपड़े पहनें जिन्हें पहनकर आप आराम महसूस करें.और आपको उठने बैठने में आराम महसूस हों अगर आप ऐसा नहीं करती है तो आपको चिड़चिड़ापन होने की आशंका बढ़ जाती है.
हर तीन घंटे में बदलें नैपकीन 
मासिक धर्म के दौरान ये बहुत जरूरी है कि आप हर तीन घंटे पर सैनेटरी नैपकिन बदलती रहें. इससे आप संक्रमण से सुरक्षित रहेंगी. साथ ही दुर्गंध की समस्या भी नहीं होगी.अगर आप ऐसा नहीं कार्तीं है तो आपको संक्रमण होने के चांस बढ़ जाते है ,और भविष्य में काफी समस्याओं का सामना करना पद सकता है। 
खाना खाने में लापरवाही विल्कुल न बरतें 
ये बहुत जरूरी है कि आप पर्याप्त मात्रा में खाना लें. खाना छोड़ना आपके लिए  खतरनाक हो सकता है. आपको याद रखने की जरूरत है कि इस दौरान शरीर काफी कमजोर होता है, ऐसे में खाना छोड़ना भारी पड़ सकता है. कोशिश करें कि आप जो भी आहार लें वो पौष्ट‍िक ही हो.खाना समय पर और ताजा लेने की कोशिश करें। इस समय खाना न खाने से आपको काफी कमजोरी आ सकतीं हैं। 
असुरक्षित संबंध बिलकुल न बनाएं 
ऐसा भूलकर भी नहीं सोचना चाहिए कि मासिक धर्म  के दिनों में आप गर्भवती नहीं हो सकती हैं. इस दौरान भी गभर्वती होने की संभावना होती है. साथ ही संक्रमण से बचने के लिए भी इस दौरान संबंध बनाने से परहेज करना चाहिए. इस समय असुरक्षित सम्बन्ध बनाने से दोनों लोगों को कई संक्रमण होने का ख़तरा बना रहता हैं।
जितना हो सके कम से काम शारीरिक मेहनत करें 
अगर मासिक धर्म  के दौरान आपको तेज दर्द होता है या फिर पीठ में अकड़ आ जाती है तो आपके लिए बेहतर होगा कि आप शारीरिक श्रम करने से बचें. वरना आपके शरीर का ये दर्द और अधिक बढ़ सकता है.और काफी समस्याएं उत्पन्न हो सकतीं है। अतः बहुत कम श्रम इस समय करें। दोस्तों ये लेख आपको कैसा लगा आप जरूर बताइये।   

Sunday, 17 September 2017

इस देवता की पूजा करने से होती हैं १०० प्रतिशत कठिन से कठिन सभी मनोकामनाएं पूरी

इस देवता की पूजा करने से होती हैं १०० प्रतिशत कठिन से कठिन सभी मनोकामनाएं पूरी  

हेल्प इंडिया। दोस्तों आज मै एक धार्मिक लेख लिख रहा हूँ ,वैसे मै बहुत बड़ा धार्मिक व्यक्ति नहीं हूँ ,मगर कुछ नियम कर्म है उन्हें पूरा जरूर करता हूँ।

 दोस्तों आज मै जो बात आपको बताने जा रहा हूँ ये किसी किताब में नहीं है। यह मेरा प्रयोग है और जिन लोगों ने इसे किया उन लोगों के साथ जो भी हुआ एकदम सत्य है। मै आज आपको बाबा जाहर वीर के बारे में बताने जा रहा हूँ। बहुत से लोग ऐसे भी होंगे जो इनको अच्छी तरह से जानते होंगे और कुछ लोग पहली बार यह नाम सुन रहे होंगे। बाबा जाहर वीर को हिन्दू और मुस्लिम दोनों लोग मानते हैं।

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हिन्दू जहाँ इन्हें जाहर वीर नाम से बुलाते हैं बहीं मुस्लिम लोग जाहर पीर के नाम से बुलाते है। गोगा वीर अथवा गोगा पीर भी इन्हीं के नाम हैं। ददरेवा, जो राजस्थान के चुरू जिले की राजगढ़ तहसील में स्थित है। यहीं पर इनका जन्म हुआ था। हनुमानगढ़ जिले के गोगामेडी गांव में गोगाजी का समाधि स्थल है, जहां हिन्दू और मुस्लिम दोनों ही धर्मों के लोग आकर पूजा और अर्चना करतें हैं। गोगाजी जी महाराज की माता वाछल गुरु गोरख नाथ की भ्हक्त थीं। इसी कारण गोगाजी जी महाराज भी गोरख नाथ के महान भक्त बन गए। गोगा जी महाराज अपने घोड़े सहित गोगामेडी में जमीन में समा गए थे।

 लोगों का कहना है कि वो आज भी जिन्दा हैं ,और भादव नौवीं को अपने जन्म के दिन अपने गाँव ददरेवा आते है। गोगामेडी बहुत ही रमणीय स्थान है। यहाँ एक मेला भी लगता है जिसमे लाखों की संख्या में श्रद्धालू आते है। दोस्तों जहाँ तक मेरा विस्वाश है कि गोगा जी की पूजा करने से हर असंभव काम संभव हो जाता हैं। इनकी पूजा में आप जितनी ही श्रद्धा लगायेंगे उतना ही फल पायेंगे। इनकी पूजा करने से कोई काम असंभव नहीं होता।

योगी राज में धड़ल्ले से हो रही डीएलएड प्राइवेट कालेजों में लूट, पढ़े पूरी खबर

योगी राज में धड़ल्ले से हो रही डीएलएड प्राइवेट कालेजों में लूट, पढ़े पूरी खबर  

हेल्प इंडिया। दोस्तों जहाँ तक मेरे संज्ञान में है कि डीएलएड प्राइवेट कालेजों की फीस ४१००० रुपये है। जिसमे २००० रुपये सीट कन्फर्मेशन का ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है ,और इसके अतिरिक्त ३९००० रुपये का ड्राफ्ट उस कालेज के नाम दिया जाता है जिसमे विद्यार्थी एडमीशन ले रहा है। हरदोई में तो जम कर लूट हो रही है डीएलएड प्राइवेट कालेजों में उपरोक्त फीस के अलावा २०००० से ३०००० रुपये तक कालेज फीस के नाम पर लिए जा रहे हैं। हरदोई की ही एक लड़की ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि मुझसे २०००० रुपये और ३९००० का बैंक ड्राफ्ट मांगा गया है। मेरा सबाल ये है कि जब डीएलएड प्राइवेट कालेजों की फीस ४१००० रुपये है ,तो २०००० से ३०००० रुपये कालेज फीस के नाम पर अतिरिक्त क्यों लिए जा रहे हैं। क्या सरकार का ऐसा कुछ नियम है या  फिर योगी सरकार में दबंगों की लूट। मै सरकार से गुजारिश करूंगा कि इस मामले की जाँच कराई जाय और कालेजों में हो रही अवैध वसूली को तत्काल रोकने का आदेश किया जाय। जिन बच्चों का डीएलएड मेरिट सूची में नाम आया है वो मजबूर है अवैध फीस देनी के लिए। जो गरीब बच्चे है उनसे अवैध फीस किस्तों में ली जा रही है। मुझे भी पहले इस बात पर विशवास नहीं हुआ मगर जब मैंने जाकर डीएलएड में एडमीशन ले बच्चों से बात की तो हकीकत सामने आयी। 

Saturday, 16 September 2017

मनचले लड़को के छेड़खानी के डर से ये लड़की नहीं जा पा रही रही स्कूल, घर में दहशत का माहौल


मनचले लड़को के छेड़खानी के डर से ये लड़की नहीं जा पा रही रही स्कूल, घर में दहशत का माहौल


हेल्प इंडिया। दोस्तों वैसे तो कुछ भी झूठ बोला जा सकता है, मगर सत्ता के लोभ में नेता गण क्या -क्या झूठ बोलते हैं और कितना अपने वादे पर खरे उतारते हैं। आज मैं आपको एक दर्दनाक कहानी बताने जा रहा हूँ जिसे सुनकर और वीडिओ देख कर आपका भी खून उबल उठेगा। सत्ता में आते ही उत्तर प्रदेश के सी एम योगी आदित्यनाथ ने खूब सुर्खियाँ बटोरीं एंटी रोमियों और बहुत कुछ किया।

अब सबाल उठता है कि ये सब सिर्फ सुर्खियाँ बटोरने के चक्कर में किया गया था। आज मै आपको एक वीडिओ दिखाने जा रहा हूँ जिसमे एक छात्रा रो -रो कर अपनी कहानी बता रही है। ये लड़की सहारनपुर के हिम्मतपुर गाँव की है, कुछ मनचले लडके इसको रोज छेड़ते है, लड़की ने तंग आकर अपने माता पिता को बताया। जब पिता ने उन लड़कों से बात की तो उन्होंने जबाब दिया कि मै रोज छेडूंगा तुझे जो करना हो कर लो। लड़की बहुत डरी हुई है और आज चार दिन से स्कूल नहीं जा पा रही है।
यहाँ क्लिक करके सुने इस लड़की की सच्चाई https://youtu.be/JUrPxwWtdqE

Friday, 15 September 2017

विश्व की पहली ऐसी अजीबो गरीब दुर्घटना जो सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद, जिसे देख आपके उड़ जायेंगे होश


विश्व की  पहली  ऐसी अजीबो गरीब दुर्घटना जो सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद, जिसे देख आपके उड़ जायेंगे होश  


प्रदुम्न ठाकुर ह्त्या कांड की खुल रहीं परतें, एसआईटी टीम ने खोले कई राज


प्रदुम्न ठाकुर ह्त्या कांड की खुल रहीं परतें, एसआईटी टीम ने खोले कई राज

रयान इंटरनेशनल स्कूल के माली हरपाल सिंह और कक्षा द्वितीय के छात्र प्रदुम्न ठाकुर की हत्या में एक प्रमुख गवाह ने शुक्रवार को कहा कि पुलिस ने उन्हें उसके द्वारा स्वीकार करने के लिए मजबूर किया था। रिपोर्ट के मुताबिक गुरुगुराम पुलिस की विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार को माली को हिरासत में लिया था।
स्कूल बस कंडक्टर अशोक कुमार हत्या में मुख्य संदिग्ध के रूप में उभरा है। अशोक के वकील ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान कंडक्टर पर अत्याचार और इलेक्ट्रोकाट किया गया था।इस बीच गुरुवार को ठाकुर की हत्या के बाद रियान इंटरनेशनल स्कूल के पूरे कर्मचारी से पूछताछ की गई, जिसने 8 सितंबर को शौचालय में मारा गया था।
 हत्या के मामले में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस द्वारा दो दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों को पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया था।स्कूल कर्मचारियों के बयानों को अलग से दर्ज किया जाएगा और यदि आवश्यक हो तो उनके बयानों की पुष्टि की जाएगी और शिक्षकों को प्रश्नोत्तरी से पारित किया जा सकता है। क्रॉस पूछताछ का उद्देश्य यह है कि प्रत्येक और प्रत्येक स्टाफ सदस्य की जगह और भूमिका पता है जो स्कूल में मौजूद उस दिन मौजूद थे।जब प्रदुम्न  कुमार की हत्या हुई थी,  एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अशोक ने लड़के पर यौन उत्पीड़न के असफल प्रयास किये और बाद में  शौचालय में गला काट कर ह्त्या कर दी।एसआईटी एक भी सबूत नहीं छोड़ना चाहती है .उन्होंने कहा, कुछ और गिरफ्तारी की संभावना है।
बुधवार को एसआईटी टीम ने गुरूग्राम में सुराग के लिए स्कूल की खोज की जबकि एक सीबीएसई पैनल ने सुरक्षा व्यवस्था में खामियों की जांच के लिए परिसर का भी निरीक्षण किया।
हरपाल सिंह के अलावा, एसआईटी ने अनुभाग प्रभारी अंजू दुदेजा, निलंबित कार्यवाहक निर्जा बत्रा, पूर्व मुख्य राखी वर्मा, बस चालक सौरभ राघव, बस ठेकेदार हरकेश प्रधान और आठ सुरक्षा गार्ड सहित 17 व्यक्तियों से सवाल उठाए हैं।

तिरंगा फिल्म में खबरी लाल की भूमिका किसने निभाई थी,आइये जानते हैं विस्तार से


तिरंगा फिल्म में खबरी लाल की भूमिका किसने  निभाई थी,आइये जानते हैं विस्तार से

हेल्प इंडिया। दोस्तों तिरंगा फिल्म तो हमारी  समझ से सभी ने देखी होगी। यह फिल्म १९९३ में रिलीज हुई थी। इस फ़िल्म में राजकुमार के संवाद काफी पापुलर हुए थे। जिसमे दमदार भूमिका निभाई थी नाना पाटेकर ने। जिसमे खलनायकी का मुख्य किरदार दीपक सिरके ने प्रलयनाथ गेंडास्वामी के रूप में निभाया था। मगर आपको यह पता है कि इस फ़िल्म में एक छोटा sa मगर बहुत ही दिलचस्प किरदार निभाया गया था। जिस किरदार का नाम था खबरी लाल। खबरी लाल का किरदार किसने निभाया था ,शायद आपको पता नहीं होगा। चलो मै आपको इस किरदार का असली नाम बताता हूँ। तिरंगा फ़िल्म में खबरी लाल की भूमिका राकेश वेदी जी ने निभाई थी। राकेश वेदी लगभग 200 हिंदी फिल्मो में काम कर चुके हैं।

 और प्रमुख रूप से हास्य किरदार निभाए हैं। राकेश बेदी का जन्म 1 दिसंबर 19५४ में हुआ था। वह एक भारतीय फिल्म, मंच और टेलीविजन अभिनेता है। वह चश्मे बद्दूर  (1981), और टीवी श्रृंखला, ये जो है जिंदगी (1984), श्रीमान श्रीमती (1995), यस बॉस (1999 -2009) और तिरंगा (१९९३) जैसी फिल्मों में उनकी कॉमेडी भूमिकाओं के लिए सबसे ज्यादा जाने जाते हैं।

Wednesday, 13 September 2017

मानवता की मिशाल बने ये दो दोस्त, पढ़े आगरा की एक मार्मिक कहानी

मानवता की मिशाल बने ये दो दोस्त, पढ़े आगरा की एक मार्मिक कहानी

दोस्तों मानवता अभी भी ज़िंदा है।  आज मै आपको मानवता को प्रदर्शित करती एक पहल प्रकाश सिंह के ही जुबान से ही सुनाऊंगा। यह मार्मिक कहानी प्रकश सिंह से हुई वार्ता पर आधारित है । प्रकाश सिंह बताते है कि आज दिनांक 13.09.2017 को मैं अपने साथी बृजमोहन के साथ आ रहे थे कि पुलिस लाइन आगरा ग्राउड के सामने एक अँधा  आदमी सड़क के किनारे बैठा  था। भीड़  भाड़  लगी  हुयी थी। यही देकर हम दोनों साथी गए तो वह आदमी बेबस  था , बेबसी देखकर उसे हम साथ लेकर आये और पूछे  क्या तकलीफ है,भोजन करने की बात कही। पुलिस लाइन के सामने होटल  पर भोजन  करवाया। उससे पूछने पर बताया  की मेरा नाम शकील  है ,मै बुलंद शहर  का रहने  वाला हु।  सम्बंधित थाना  प्रभारी  से वार्ता किये,उसके बाद शकील  जो की अँधा है,बोला साहब आप लोग हमें यही रहने दीजिये। मैं चला जाऊंगा,यह बात सुनकर हमें बहुत तकलीफ हुयी। हम उसके गाँव जाने के लिए पैसा / किराया  देने के लिए तैयार थे,लेकिन उस आदमी से बार  बार पूछा  गया,वह यही कह रहा था कि मै चला जाऊंगा । उसके बाद मै और मेरा साथी हम दोनों वापस  चले आये। 

Monday, 11 September 2017

इन 70 साल के बूढ़े दादा का लुंगी डांस देखकर आप अपनी जवानी भूल जायेंगे


इन 70 साल के बूढ़े दादा का लुंगी डांस देखकर आप अपनी जवानी भूल जायेंगे 

हेल्प इंडिया। दोस्तों एक कहावत है कि आदमी बूढा हो जाता है ,मगर मन कभी नहीं बूढ़ा होता है। अब आप हमारे महानायक अमिताभ बच्चन जी को देख लीजिए, 74 साल की उम्र में भी जवानों को टक्कर देते हैं। आप सोंच रहे होंगे कि में ये सब आप को क्यों सुना रहा हूँ ,हमारा आज का बिषय ही ऐसा है कि, मैं आप को एक ऐसी ही एक वीडिओ दिखाने जा रहा हूँ। जिसमे एक ७० ऐसा लुंगे पहनकर डांस कर रहा है कि आप इस वीडिओ को देख कर ऐसा लगेगा कि मेरी जवानी तो इस बूढ़े आदमी से गयी गुज़री है। देखें वीडिओ

Sunday, 10 September 2017

लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती


लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती
नन्ही चीटी जब दाना लेकर चलती है
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है
मन का विश्वाश रगों मे साहस भरता है
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है
आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती
डुबकियां सिन्धु मे गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है
मिलते नहीं सहज ही मोंती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में.
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती
असफलता एक चुनौती है , इसे स्वीकार करो ,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो .
जब तक ना सफल हो , नींद चैन को त्यागो तुम ,
संघर्ष का मैदान छोड़कर मत भागो तुम.
कुछ किए बिना ही जय जयकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती
यह कविता श्री सोहन लाल द्ववेदी द्वारा रचित है 

Saturday, 9 September 2017

मोबाइल चार्ज करते समय बात करने से हुई ऐसी दुर्घटना जिसे देख कर आपका दिल दहल जायेगा

मोबाइल चार्ज करते समय बात करने से हुई ऐसी दुर्घटना जिसे देख कर आपका दिल दहल जायेगा 


Sunday, 3 September 2017

इस ग्रेजुएट लड़की ने जीभ काट कर देवी मंदिर में चढ़ा दी,अन्धविश्वाश या हकीकत



इस ग्रेजुएट लड़की ने जीभ काट कर देवी मंदिर में चढ़ा दी,अन्धविश्वाश या हकीकत

हेल्प इंडिया ।सपने आप भी देखते होंगे कि भगवान आपसे कुछ कह रहे हैं। मैं भी कई बार देखता हूं, लेकिन कभी ऐसा नहीं करता, जो इस लड़की ने किया।  क्योंकि भगवान या अल्लाह को इन चीजों की भला क्या जरूरत। एक 19 साल की लड़की।  वो भी ग्रैजुएशन की स्टूडेंट है।  उसने देवी मां काली को अपनी जीभ काटकर भेंट कर दी. वो भी देवी को खुश करने के लिए। ऐसी खबर है सुनके भी दिमाग सुन्न हो जाए. ये सब हुआ है मध्य प्रदेश के रीवा शहर के काली मंदिर में।

आरती दुबे उम्र 19 साल के है और अंडर ग्रैजुएट स्टूडेंट है।  टीआरएस कॉलेज में एक रात वो ख्वाब में देखती है कि देवी काली उससे जीभ मांग रही हैं। वो भी उसकी सारी विश पूरी करने के लिए आरती ख्वाब में देखते ही अपनी जीभ देने का फैसला कर लेती है। और सज-धज के पहुंच जाती है रानी तालाब मंदिर।  गले में फूलों की माला डालकर ,मंदिर में मौजूद लोग काली के जयकारे लगाते हैं,और आरती अपनी जीभ काट देती है। आरती के भाई सचिन ने  बताया, आरती ने मुझे अपने सपने के बारे में बताया था । उसने मुझसे कहा कि वो अपनी जीभ देवी काली को भेंट करने जा रही है।  जब उसने मुझसे ये कहा, तो बिलकुल भी वो मुझे सीरियस नहीं लगी।  मैंने सोचा वो मजाक कर रही है। रानी तालाब मंदिर में जब आरती अपनी जीभ काटती है, तो कुछ ही देर में वो बेहोश हो जाती है।  मंदिर में लोगों की भीड़ जुट जाती है।  लोग और मंदिर के पुजारी बेहोश आरती के ऊपर एक चुन्नी डाल देते हैं। उसे डॉक्टर के पास नहीं ले जाया जाता बल्कि उसके ठीक होने के लिए प्रार्थना करने लगते हैं। पांच घंटे बाद आरती होश में आती है।  लोग उस पर भगवान का आशीर्वाद होने की बात करते हैं।
मंदिर के पुजारी देवी प्रसाद शर्मा कहते हैं कि जब आरती ने जीभ भेंट की, तो वो मौके पर ही मौजूद थे। उन्होंने कहा कि देवी सबकी मदद करती हैं।  वो अपने भक्तों की रक्षा करती हैं।  जब ये खबर इलाके में फैलती है तो डॉक्टर और पुलिस वहां पहुंचती है।  डॉक्टर आरती की मरहम-पट्टी करते है और घर भेज देते हैं।
आरती एक अकेली ऐसी लड़की नहीं हैं, जिसने अपने बॉडी पार्ट को भगवान को भेंट किया हो। इससे पहले भी कई लोग अपने बॉडी पार्ट को भगवान को खुश करने के लिए काटते रहे हैं। लोगों का अंधविश्वास उनसे उनके बॉडी पार्ट छीन लेता है।एक पढ़ी-लिखी लड़की का जीभ काट लेना सोसाइटी के लिए खतरनाक है।जो अंधविश्वास को बढ़ावा देता है।

Wednesday, 30 August 2017

मोदी सरकार हर 12 वीं पास बेरोजगार को देगी 1500 रुपये हर माह ,जानिये कैसे करें आवेदन


मोदी सरकार हर 12 वीं पास बेरोजगार को देगी 1500 रुपये हर माह ,जानिये कैसे करें आवेदन

दोस्तों मोदी सरकार की बहुत अच्छी पहल हर 12 वीं पास वेरोजगार को मिलेगा 1500 रूपया प्रति माह। हमारे देश में बहुत सारे लोग ऐसे है जो 10 वी और 12 वी करने के बाद भी बेरोजगार है उन लोगो को अभी तक कोई नौकरी नहीं मिली है,और वह सभी बेकार में इधर उधर भटक रहे है। लोगो के लिए सरकार बहुत ऑफर लेकर आयी है। ऐसे लोग जो बेरोजगार है उन्हें हर महीने सरकार पैसे देगी इसके लिए सभी बेरोजगार लोगों  को एक फॉर्म भरना होगा ,लेकिन सवाल ये उठता है की फॉर्म कहाँ मिलेगा, आपको बता दे की ये फॉर्म कहा मिलेगा।फॉर्म ऐसे भरे मैं आपको जानकारी के लिए बता दूं कि  अभी तक ये फॉर्म बाँट दिए गए है और बहुत सारे लोगो ने फॉर्म भर लिया है और जिन लोगो ने ये फॉर्म नहीं भरा है वो भी जल्दी से भर लें ,अगर आप ऑनलाइन फॉर्म भरना चाहते है तो सरकार ने इसके लिए एक बेवसाइट भी दी है।

अब में आपको बताता हूँ कि कौन -कौन  इस योजना के लायक है, और सरकार उनको कितने पैसे देगी बेरोजगार आवेदक की उम्र 18 से 35 होनी चाहिए आवेदक की सालाना आय 2 लाख से कम होनी चाहिए। मिली जानकारी के अनुसार 1500 रूपये प्रतिमाह देगी सरकार।यह रकम उन्हीं लोगों को मिलेगी जो 12 वीं पास हैं और उनका कोई व्यवसाय या कोई नौकरी नहीं है।ऑनलाइन फॉर्म भारत सरकार की बेवसाईट पर ही भरे जायेंगे।  

Saturday, 26 August 2017

तीन तलाक के बाद राष्ट्रहित और जनहित में सुप्रीम कोर्ट को यह फैसला भी जरूर सुनाना चाहिए


तीन तलाक के बाद राष्ट्रहित और जनहित में सुप्रीम कोर्ट को यह फैसला भी जरूर सुनाना चाहिए


देश के अंदर जादू टोने, तन्त्र मंत्र, झाड़फूंक द्वारा मनुष्य की सभी समस्याओं जैसे गृह क्लेश, हवा धूल, प्रोमोशन, कारोबार में तरक्की, सौतन से छूटकारा, दुश्मन से छुटकारा, किसी को भी वश में करना, नौकरी की गारंटी, हर समस्या के 24 घण्टे में समाधान,और ला इलाज बीमारियों का इलाज करने वाले सभी बाबा, तांत्रिक, आचार्य, पण्डित, मौलवी, भगतो और पाखंडियो का सर्च ऑपेरशन करा कर सभी की दुकान स्थायी रूप से बंद करने, और  इन्हें जेल में डालने का आदेश कर दिया जाए,

 क्योकि अगर देश मे हर साल 500000 मौत होती होंगी तो 50 प्रतिशत तो इनके जादू टोने ओर टोटके के  चक्कर मे हो रही है, क्योकि कुछ इनसे बीमारी का इलाज करवाने में मर जाते है कुछ खुद के फायदे के लिये दूसरों की बलि दे देते है। ये लोग मानव विकास ही नही बल्कि मानवजाति के लिये विध्वंशकारी है।  

आरक्षण एक मजाक नहीं, बल्कि एक सभ्य समाज का आईना है पढ़िए कड़वी सच्चाई


आरक्षण एक मजाक नहीं, बल्कि एक सभ्य समाज का आईना है पढ़िए कड़वी सच्चाई 


मंदिर में पुजारी की नियुक्ति आर्थिक आधार पर होती है या जाति के आधार पर। समाज में लड़का लड़की का संबंध आर्थिक आधार पर होता है या जाति के आधार पर।  इस देश में सामाजिक भेदभाव (छुआ-छूत) आर्थिक आधार पर होता है या जाति के आधार पर। ब्राह्मण, छत्रिय, वैश्य, शूद्र वर्णों का निर्धारण आर्थिक आधार पर हुआ था या जाति के आधार पर। देश में मनु द्वारा वर्ण व्यवस्था आर्थिक आधार पर बनी थी या जाति के आधार पर। इसके अलावा बहुत कुछ निर्धारण करते हो जाति के आधार पर,और आरक्षण चाहिए आर्थिक आधार पर,वाह रे , वाह ,अरे जाति से इतनी ही नफरत है तो क्यों नहीं देश में जाति के लिखने, बोलने, पूछने और बताने पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हो। जाति को लिखने बताने पूछने पर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान करो, जाति अपने आप समाप्त हो जाएगी और जाति आधारित आरक्षण भी समाप्त हो जाएगा । इसलिए इस देश के सभी धूर्त स्वार्थियो, खुदगर्जो देश से जाति मिटाने की मांग करो वरना जब तक जातिवाद रहेगा,आरक्षण आबाद रहेगा। 

इस फल के बारे में जानकर हो जायेंगे हैरान,बवासीर की है अचूक औषधि


इस फल के बारे में जानकर हो जायेंगे हैरान,बवासीर की है अचूक औषधि

हेल्प इंडिया समाचार।जिमीकंद एक बहुवर्षीय भूमिगत सब्जी है जिसका वर्णन भारतीय धर्मग्रंथों में भी पाया जाता है। भारत के विभिन्न राज्यों में जिमीकंद के भिन्न-भिन्न नाम ओल या सूरन हैं। पहले इसे गृहवाटिका में या घरों के अगल-बगल की जमीन में ही उगाया जाता था। परन्तु अब तो जिमीकंद की व्यवसायिक खेती होने लगी है। जिमीकंद एक सब्जी ही नहीं वरन यह एक बहुमूल्य जड़ीबूटी है जो सभी को स्वस्थ एवं निरोग रखने में मदद करता है।

भोज्य पदार्थों के संचन हेतु यह भूमिगत तना का रूपांतर है जिसे घनकंद कहते हैं। यह परिवर्तित तना बहुत अधिक जैसा-तैसा फूला रहता है एवं इसकी सतह पर पर्वसंधियाँ रहती हैं, जिनपर शल्क-पत्र लगे रहते हैं। सतह पर जहाँ-तहाँ अपस्थानिक जड़ें लगी रहती हैं। अगले सिरे पर अग्रकलिका तथा शल्कपत्रों के अक्ष पर छोटी-छोटी कलिकाएँ होती हैं। इस पौधे का फल यानी जड को बवासीर  के दवा मे भी उपयोग किया जाता है |

सोमवार का दिन हो सकता है शिक्षामित्रों के लिए सबसे ज्यादा खुसी का दिन


सोमवार का दिन हो सकता है शिक्षामित्रों के लिए सबसे ज्यादा खुसी का दिन 

हेल्प इंडिया समाचार।शुक्रवार के दिन हुई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता के बाद से शिक्षामित्रों ने अपना दूसरी बार धरना समाप्त किया था। सुप्रीम कोर्ट से आये समायोजन रद्द होने के आदेश के बाद से शिक्षामित्र लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे थे। बीच में प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी जी ने आश्वासन दिया था ,और 15 दिन का समय मांगा था। किन्तु उन 15 दिनों में प्रदेश सरकार का कोई फैसला न आने के कारण शिक्षामित्रों ने पुनः लक्ष्मण मेला मैदान लखनऊ में सत्याग्रह आरम्भ कर दिया था।

 प्रदेश सरकार बार -बार यही कहती आ रही है कि हम आप लोगों के बारे में सोंच रहें हैं। शिक्षामित्रों का धर्य काम नहीं दे रहा था इस लिए उन्होंने पुनः लक्ष्मण मेला मैदान लखनऊ पुनः अनशन जारी कर दिया था।शुक्रवार को शिक्षामित्रों के प्रतिनिधि की मुख्यमंत्री से वार्ता हुई। मुख्यमंत्री ने तत्काल कमेटी गठित कर रविवार तक का समय मांगा और कहा कि  सोमवार को आपको बता दिया जाएगा। खबरों के अनुसार सोमवार को शिक्षामित्र प्रतिनिध मंडल के सदस्य मुख्यमंत्री से मुलाक़ात करेगे और सही निर्णय आने पर उसका स्वागत करेगे ,नहीं तो फिर धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।  

प्राथमिक शिक्षकों के लिए बुरी खबर,अब शिक्षकों को रोजाना करना होगा ये काम


प्राथमिक शिक्षकों के लिए बुरी खबर,अब शिक्षकों को रोजाना करना होगा ये काम 

हेल्प इंडिया समाचार।बेसिक शिक्षकों के लिए बुरी और बच्चों के लिए अच्छी खबर है। जहाँ आज तक प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक आराम से बिना पढाये 50000 रुपये तक प्रति माह वेतन लेते थे ,सरकार अब उतनी ही सख्ती के साथ उनके साथ पेश होने वाली है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने आदेश दे दिया है ,कि शिक्षक रोज एक पाठ योजना तैयार करेगें ,और उसी पाठ योजना के आधार पर बच्चों को पढायेगे।प्रतिदिन की पाठ योजना का तैयार प्रारूप सुरक्षित रखना होगा। जिसे कभी भी अधिकारियों द्वारा देखा जा सकता है ,कि शिक्षक नियमानुसार अध्यापन कार्य करा राहें है अथवा नहीं। जो भी शिक्षक इसमें लापरवाही करता पाया गया ,उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। आपको बताते चलें आदेश जारी कर दिया गया है। जिला स्तर पर आदेश आते ही इसका पालन कड़ाई से कराया जाएगा। आदेश के अनुसार सभी शिक्षक 3 से 4 बजे के बींच पाठ योजना तैयार करेगे और अगले दिन बच्चों इसी पाठ योजना के आधार पर पढायेगे। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार का यह शायद एक बहुत अच्छा कदम होगा ,और इससे शिक्षा के क्षेत्र में काफी सुधार भी होगा।  

Sunday, 20 August 2017

चोटी कटने का नहीं रुक रहा आतंक ,आओ जानते हैं चोटी कटने की रहष्यमयी सच्चाई,कौन काट रहा चोटी


चोटी कटने का नहीं रुक रहा आतंक ,आओ जानते हैं चोटी कटने की रहष्यमयी सच्चाई,कौन काट रहा चोटी 

हमारे देश  के हरियाणा,राजस्थान और उत्तर प्रदेश की 200 से अधिक महिलाओं ने शिकायत की है कि किसी ने उन्हें बेहोश कर रहस्यमयी तरीके से उनके बाल काट लिए । इस रहस्य को सुलझाने में पुलिस अब तक नाकाम रही है जबकि यहां की महिलाएं इससे डरी हुई और चिंतित हैं ।हरियाणा में गुड़गांव के भीमगढ़ इलाके की 56 वर्षीय सुनीता देवी ने कहा,एक तेज़ फ़्लैश लाइट से मैं बेहोश हो गई और एक घंटे बाद मुझे पता चला कि मेरे बाल काट लिए गए थे । उन पर हुए हमले के बाद से वो डरी हुई हैं। उन्होंने कहा,न मैं सो पा रही हूं और न किसी काम में मेरा मन लग रहा है । मैंने सुना था कि इस तरह की घटनाएं राजस्थान में हो रही हैं, लेकिन कभी सोचा नहीं था कि यहां भी ऐसा होगा ।इस काल्पनिक घटना की पहली ख़बर जुलाई में राजस्थान से आई थी, लेकिन अब इस तरह की ख़बरें हरियाणा,उत्तर प्रदेश और यहां तक कि राजधानी दिल्ली से भी आने लगी हैं ।

सुनीता देवी किसानों और व्यापारियों के एक छोटे से समुदाय में रहती हैं । जब तक वो सदमे से उबर नहीं जातीं, उनके कुछ पड़ोसी बारी-बारी से उनके साथ रह रहे हैं । उन्होंने कहा कि उनपर हमला करने वाला एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति था जिसने चमकीले कपड़े पहन रखे थे ।उन्होंने कहा,जब रात के 9.30 बजे मुझ पर हमला हुआ तो मैं ग्राउंड फ़्लोर पर अकेली थी, और मेरी बहू और पोता ऊपर थे । उन्होंने न कुछ देखा और न ही कुछ सुना ।

आखिर कौन दे रहा इन घटनाओं को अंजाम 

रहस्य तब और गहरा जाता है जब यह पूछा जाता है कि किसी ने हमलावर को देखा है क्या,और उत्तर  मिलता है नहीं ।सुनीता देवी की पड़ोसी मुनेश देवी ने कहा कि आमतौर पर रात 9 से 10 बजे के बीच इस पतली गली में लोगों की चहल-पहल रहती है।
लोग खाना खाने के बाद एक साथ बैठते हैं, आराम करते हैं ।उस दिन  कुछ अलग नहीं था, लेकिन हम में किसी ने भी किसी अज्ञात व्यक्ति को सुनीता के घर में आते-जाते नहीं देखा,और यह यहीं खत्म नहीं हुआ।
कुछ गज की ही दूरी पर एक और गृहिणी आशा देवी ने भी उसी दिन इसी तरह के एक हमले में अपने बाल खो दिए। लेकिन इस बार हमलावर कथित तौर पर एक महिला थी।आशा देवी के ससुर सूरज पाल कहते हैं कि इस घटना के बाद उन्होंने आशा और घर की अन्य महिलाओं को उत्तर प्रदेश में एक रिश्तेदार के घर पर भेज दिया है।उन्होंने कहा,इस हमले के बाद वो भयभीत थीं, मैंने उन्हें कुछ हफ़्तों के लिए घर से दूर रहने को कहा, पूरे समुदाय में डर बना हुआ है।सूरज पाल ने कहा कि उस दिन वो घर पर थे जबकि आशा देवी रात 10 बजे के आसपास घर के किसी काम से बाहर थीं।
उन्होंने बताया,जब वो आधे घंटे तक नहीं लौटीं तब मैं उन्हें ढूंढने निकला तब वो हमें बाथरूम में बेहोश मिलीं। उनके सिर के कटे बाल ज़मीन पर बिखरे पड़े थे।उन्होंने कहा कि क़रीब एक घंटे के बाद होश आने पर आशा ने बताया कि उन पर किसी महिला ने हमला किया था।सूरज पाल ने आगे कहा,उन्होंने मुझसे कहा कि सब कुछ केवल 10 सेकेंड में ही हो गया ।इसी तरह के कुछ मामले मैंने गुड़गांव से 70 किलोमीटर दूर रेवाड़ी जिले के ग्रामीण इलाकों में भी देखे हैं।

डॉ अब्दुल कलाम के जीवन की कुछ ऐसी सच्चाइयाँ जिन्हें सुनकर आप अपने आंसू नहीं रोंक नहीं पाएँगे


डॉ अब्दुल कलाम के जीवन की कुछ ऐसी सच्चाइयाँ जिन्हें सुनकर आप अपने आंसू नहीं रोंक नहीं पाएँगे 


दूरदर्शन के एक दक्षिण भारतीय भाषा के चैनल से श्री पी एम नायर जोकि एक सेवा निवर्त प्रसाशनिक अधिकारी है और वो पूर्व राष्ट्रपति स्व श्री ए पी जे कालाम साहब के निजी सचिव उस वक्त थे जब कालाम साहब देश के राष्ट्रपति थे। उनके उस इंटरव्यू के दौरान  श्री नायर साहब ने जो कुछ भी कहा वो पूरी तरह से तो यहा नही पेश के पाऊंगा पर कुछ महत्व पूर्ण बिंदुओं को आपके सामने लाना चाहता हूं। श्री नायर ने एक किताब भी लिखी है जिसका शीर्षक है कलाम इफ़ेक्ट           डॉ कालाम अपनी हर विदेश यात्रा में बहुमूल्य उपहार प्राप्त करते थे जो कि प्रथा अनुसार मेजबान देश के प्रमुख  मेहमान देश प्रमुख को उनके सम्मान स्वरूप देते है। उन उपहारों को प्राप्त करने से मना करना मेजबान देश का अपमान होगा अतः कालाम साहब उन उपहारों को धन्यवाद के साथ स्वीकार करते थे।परंतु देश वापिस आते ही वो उन उपहारों के फोटो खिंचवाकर उनकी सूची तैयार करवाकर उन को राष्ट्रपति भवन के संग्रहालय को सौप देते थे। फिर कभी भी उन उपहारों के बारे में पूछते भी नही थे।कलाम साहब जब सेवा निवर्त हुए तो उन उपहारों से एक पेंसिल भी अपने साथ नही ले गए। सारे के सारे उपहार राष्ट्रपति भवन के संग्रहालय में रहे।
 २००२, ये वो साल है जब श्री कलाम भारत के राष्ट्रपति पद पर आसीन हुए थे, रमजान जुलाई अगस्त के महीने में आया था।इस अवसर पर इफ्तार की भोज को आयोजन करना राष्ट्रपति भवन की एक सामान्य प्रक्रिया थी। डॉ कलाम ने श्री नायर को बुलाकर इस आयोजन पर आने वाले खर्च को पूछा और साथ मे पूछा कि वो क्यो इस इफ्तार भोज का आयोजन ऐसे व्यक्तियों के लिए करे जो स्वयम ही पहले से समर्थ है और प्रतिदिन अच्छा भोजन  प्राप्त करते है।श्री नायर ने उन्हें बताया कि तकरीबन बाइस लाख रुपया उस इफ्तार भोज के आयोजन पर राष्ट्रपति भवन का खर्च होता था।
डॉ कलाम ने उन्हें आदेश दिया कि वो सारी रकम  को कुछ अनाथालयों में वस्त्र, भोजन और कम्बलों के रूप में दान की जाए।उन्होंने अनाथालयों  का चुनाव करने के लिए एक टीम को जिम्मेदारी दी उस चुनाव के कार्य मे उन्होंने किसी भी प्रकार का दखल नही दिया।जब टीम ने अनाथालयों की सूची तैयार कर ली तो कालाम साहब ने श्री नायर को अपने कमरे में बुला कर एक लाख रुपये का चेक, जो कि उनके निजी खाते से काटा हुआ था, दिया और कहा कि वो अपनी निजी बचत से ये थोड़ा सा धन दे रहे है जो अनाथलयो में दान किया जाए। उन्होंने साथ मे ये हिदायत दी कि उस चेक के बारे किसी को भी न बताया जाए।
श्री नायर ने उस इंटरव्यू में बताया कि वो कालाम साहब की उस हिदायत को सुनकर अचंभे में आ गये। उन्होंने कालाम साहब को कहा कि वो क्यो न सबको उस बात को बताये की इस देश के राष्ट्रपति ऐसे व्यक्ति है जो न केवल अपने अधिकार से जो खर्च कर सकते वो सारा धन, दान में देते है बल्कि खुद के निजी खाते से भी दान देते है,डॉ कालाम यद्यपि एक धार्मिक मुस्लिम थे, पर उनके कार्यकाल में राष्ट्रपति भवन में इफ्तार का भोज का आयोजन नही हुआ।
डॉ कलाम को हा में हा मिलाने वाले लोग पसंद नही थे।एक बार देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश राष्ट्रपति महोदय से मुलाकात को पधारे थे और किसी विषय पर विचार विमर्श के दौरान डॉ कालाम ने एक बिंदु पर किसी बात पर अपने विचार प्रकट किए फिर उन्होंने नायर साहब से पूछा कि क्या आप मेरी बात से सहमत है,नही श्रीमान मैं आपकी बात से सहमत नही हूँ।नायर साहब ने उनको जवाब दिया।मुख्य न्यायाधीश महोदय को अपने कानों पर विश्वास नही हुआ कि एक सचिव की इतनी हिम्मत की वो राष्ट्रपति जी की बात से सहमत न हो और वो भी अन्य उपस्थित व्यक्तियों के समक्ष।तब श्री नायर ने उन्हें बताया कि राष्ट्रपति जी उनसे पूछेगें की वो क्यो असहमत है और वो यदि मेरे कारण बताने के बाद यदि उन्हें मेरे बताये कारण सही लगे तो 99% ये बात सही है कि वो अपना निर्णय बदल देंगे।
एक बार उन्होंने अपने पचास रिस्तेदारो को दिल्ली बुलाया और उन्हें राष्ट्रपति भवन में ठहराया।
उन्होंने उनके दिल्ली दर्शन के लिए एक बस का प्रबंध करवाया और उस बस का किराया स्वयम के निजी खाते से वहन किया।कोई भी सरकारी वाहन उन रिस्तेदारो के लाने लेजाने के लिए प्रयोग नही किया।उन रिस्तेदारो के ठहरने के दौरान उन रिस्तेदारो के ऊपर जो भी खर्च उनको भोजन और ठहरने की व्यवस्था पर हुआ उसका पूरा हिसाब मांगा जो लगभग दौ लाख के आसपास हुआ। कालाम साहब ने वो सारा खर्च अपने निजी धन से वहन किया।इस देश के इतिहास में उनसे पहले किसी ने भी ऐसा नही किया था।अब आप एक और घटना को सुने।डॉ कालाम के बड़े भाई उनके साथ उन्ही कमरे में पूरे एक सप्ताह रहे। ऐसा डॉ कालाम की इच्छा के अनुसार हुआ।जब वो वापिस गए तो डॉ कालाम ने उनके रहने के दिनों का किराया भी देना चाहा।जरा कल्पना कीजिये कि कोई राष्ट्रपति अपने रहने के कमरे का भी किराया देना चाहता था।ये वैसे राष्ट्रपति भवन के कर्मचारियों ने नही माना और सबने सोचा कि ये तो ईमानदारी की परकाष्ठा थी।
Sarkari Naukri Sarkari Result Naukri जब राष्ट्रपति कालाम साहब का कार्यकाल पूरा हुआ तब राष्ट्रपति भवन के सभी कर्मचारी अपने परिवार सहित उनके सम्मानार्थ उनसे भेंट करने गए।श्री नायर उनसे मिलने अकेले गए तो कालाम साहब ने उनके परिवार के बारे में पूछा तब उन्हें पता चला की नायर साहब की पत्नी एक दुर्घटना के कारण पांव की हड्डी टूटने की वजह से चल नही पा रही थी और घर पर थी।अगले दिन सुबह श्री नायर ने देखा कि बहुत से पुलिस वाले उनके घर के बाहर खड़े थे तो उन्होंने उसका कारण पूछा तो पता चला कि राष्ट्रपति महोदय स्वयम ही उनके घर आ रहे थे। कालाम साहब श्री नायर के घर जाकर उनकी पत्नी से मिले उनका हाल चाल पूछा और कुछ समय भी बिताया।
श्री नायर ने बताया कि कोई भी राष्ट्रपति अपने सचिव के घर कभी भी नही जाएगा और वो भी इतने साधारण वजह के लिए। मेरे मित्र ने सोचा कि वो हमें ज्यादा से ज्यादा उस प्रसारित इंटरव्यू की बाते हमको बताये क्योकि वो दक्षिण भाषा के दूरदर्शन चेनल से प्रसारित हुआ था जिसे शायद ही किसी ने इस देश के भाग में देखा हो। इसलिए ये उस इंटरव्यू की बाते मुझे इंग्लिश भाषा मे भेजी उसे मैने सब की जानकारी के लिए हिंदी भाषा मे रूपान्तरित किया है।हाँ एक बात और जो उस इंटरव्यू के दौरान पता चली की कालाम साहब के छोटे भाई एक छतरी की मरम्मत करने की दुकान चलाते है।  श्री नायर उनसे जब श्री कालाम साहब के अंतिम संस्कार के दौरान मिले तो उन्होंने श्री नायर के पांव छू लिए जोकि उनकी अपने बड़े भाई कालाम साहब और श्री नायर के प्रति श्रद्धा का प्रतीक था।
ये कुछ ऐसी बाते है जिनका प्रसार जन जन के बीच हो ताकि इनसे प्रेरणा लेकर शायद कुछ और कालाम इस पवित्र धरती पर पैदा हो।
व्यवसायी प्रसार के साधन शायद ही इन बातों को प्रसारित करे क्योकि इन बातों की टेलिविज़न रेटिंग पॉइंट यानी टीआरपी कीमत नही है। 

मैं और मेरे घर आये विज्ञान को न मानने वाले व्यक्ति की बेहद दिलचस्प कहानी


मैं और मेरे घर आये विज्ञान को न मानने वाले व्यक्ति की बेहद दिलचस्प कहानी

हेल्प इंडिया। कुछ दिन पहले एक धार्मिक व्यक्ति,हमारे पास रात गुज़ारने आया, वह थोड़ा बीमार था। लेकिन धार्मिक स्कूल में पढ़ा था तो दिमाग़ी तौर पे बहुत बीमार था। मैं रात को दूसरे लड़कों को जीव विज्ञान के बारे में कुछ बता रहा था, धार्मिक व्यक्ति बोला,ये सब झूठ है,साइंस की बातों के पीछे लगकर ज़िंदगी बर्बाद मत करो, साइंस-वाइंस कुछ नहीं होती है। मैंने उसकी दवा उठाकर अपनी जेब में डाली,उसका मोबाइल ऑफ़ करके अपनी जेब में डाला,और रूम की लाइट और पंखा बंद कर दिया।धार्मिक व्यक्ति बोला,ये क्या कर रहे हैं।मैंने कहा,ये दवाई, मोबाइल,पंखा,बल्ब ये सब साइंस के आविष्कार हैं।अब अंधेरे में बैठकर मच्छर मार और बोल कि साइंस कुछ नहीं होती।धार्मिक प्राणी खिसयानी हंसी हंसने लगा।मैंने लाइट ऑन की और उससे कहा,साइंस से जुड़ी हर चीज़ का सिर्फ़ दस दिन त्याग करके दिखा दे,उसके बाद बोलना कि साइंस कुछ नहीं होती,वह व्य्यक्ति बिना कुछ बोले चुपचाप सो गया।
ऐसे धार्मिक व्यक्क्तिओं की कमी नहीं है,जो साइंस की हर चीज़ इस्तेमाल करते हैं और साइंस के विरुद्ध भी बोलते हैं।साइंस के जिन अविष्कारों ने हमारे जीवन और दुनिया को बेहतर बनाया है, वे सब अविष्कार उन्होंने किये, जिन्होंने धार्मिक कर्मकांडों में समय बर्बाद नहीं किया। आज कोई भी धार्मिक व्यक्ति साइंस से संबंधित चीज़ों के बिना जीने की कल्पना भी नहीं कर सकता,लेकिन ये एहसान फ़रामोश साइंसदानों का एहसान नहीं मानते। ये उस काल्पनिक शक्ति का एहसान मानते हैं, जिसने मानव के विकास में बाधा डाली है और जिसने मानवता को टुकड़ों में बांटा है।

मुजफ्फर नगर में हुई ट्रेन दुर्घटना में घायलों और यात्रिओं के लिए यह इंसान बन गया देवता


मुजफ्फर नगर में हुई ट्रेन दुर्घटना में घायलों और यात्रिओं के लिए यह इंसान बन गया देवता 

हेल्प इंडिया। दोस्तों इंसान कभी -कभी शैतान का रूप धारण कर लेता है ,और कभी वही इंसान लोगों के लिए भगवान बन जाता। मुजफ्फर नगर में हुई ट्रेन दुर्घटना वास्तव में बहुत ही भयानक थी ,चारों ओर चीखें ही चीखें सुनाई देती थी।इस दुर्घटना में कई लोगों को अपनी जिन्दगी से हाथ भी धोने पड़े ,और बहुत लोग बहुत ही गंभीर रूप से घायल हुए। दोस्तों एक कहावत है डूबते को तिनके का सहारा ही बहुत होता है। मै आप को ऐसे ही एक व्यक्ति के बारे में बताने जा रहा हूँ ,जो इस दुर्घटना में घायल हुए उनके लिए देवता बनकर सामने आया। इस व्यक्ति ने एक अनूठी पहल की  मुजफ्फरनगर खतौली के रहने वाले योगेंद्र त्यागी जिनका दावत रेस्टोरेंट चलता है। उन्होंने ट्रेन दुर्घटना में घायल हुए यात्रियों एवं प्रशासन की मदद हेतु उस संकट की घड़ी में योगेश त्यागी व रेस्टोरेंट का सभी स्टाफ ने ट्रेन दुर्घटना में घायल हुए तथा सभी ट्रेन यात्रियों की सरकार द्वारा व्यवस्था होने तक घटनास्थल से 4 किलोमीटर दूर मंसूरपुर में रुकने सहित मुफ्त में भोजन व्यवस्था का प्रबन्ध किया है। जो भी यात्री इधर उधर भटक रहा है। वह योगेश त्यागी जी के यहाँ रह सकता है। योगेंद्र त्यागी जी ने अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया है ,जो भी भी फंसा हो उनके मोबाइल नंबर पर फोन कर उनके पास मुफ्त में रह सकता है। योगेंद्र त्यागी जी का मोबाइल नंबर है 9837849051,हेल्प इंडिया योगेंद्र त्यागी जी को सैलूट करता है। 

Saturday, 19 August 2017

राजा और फकीर,एक बहुत ही प्रेणनादाई कहानी


राजा और फकीर,एक बहुत ही प्रेणनादाई कहानी

एक फकीर बहुत दिनों तक बादशाह के साथ रहा ,बादशाह को उस फकीर से बहुत प्रेम  हो गया। प्रेमभी इतना कि बादशाह रात को भी उसे अपने कमरे में सुलाता। कोई भी काम होता, दोनों साथ-साथ हीकरते।एक दिन दोनों शिकार खेलने गए और रास्ता भटक गए। भूखे-प्यासे एक पेड़ के नीचे पहुंचे। पेड़ पर एक ही फल लगा था। बादशाह ने घोड़े पर चढ़कर फल को अपने हाथ से तोड़ा। बादशाह ने फल के छह टुकड़े किए और अपनी आदत के मुताबिक पहला टुकड़ा फकीर को दिया।
फकीर ने टुकड़ा खाया और बोला,बहुत स्वादिष्ट, ऎसा फल मैनें कभी नहीं खाया। एक टुकड़ा और दे दें। दूसरा टुकड़ा भी फकीर को मिल गया। फकीर ने एक टुकड़ा और बादशाह से मांग लिया। इसी तरह फकीर ने पांच टुकड़े मांग कर खा लिए। जब फकीर ने आखिरी टुकड़ा मांगा, तो बादशाह ने कहा,यह सीमा से बाहर है। आखिर मैं भी तो भूखा हूं। मेरा तुम पर प्रेम है, पर तुम मुझसे प्रेम नहीं
करते,और सम्राट ने फल का टुकड़ा मुंह में रख लिया। मुंह में रखते ही राजा ने उसे थूक दिया, क्योंकि वह बहुत कड़वा था।राजा बोला,तुम पागल तो नहीं, इतना कड़वा फल कैसे खा गए।उस फकीर का उत्तर था,जिन हाथों से बहुत मीठे फल खाने को मिले, एक कड़वे फल की शिकायत कैसे करूं।सब टुकड़े इसलिए लेता गया ताकि आपको पता न चले। दोस्तों जँहा मित्रता हो वहाँ संदेह न हो, आओ कुछ ऐसे रिश्ते रचे,कुछ हमसे सीखें , कुछ हमे सिखाएं,किस्मत की एक आदत है कि वो पलटती जरुर है ,और जब पलटती है,तब सब कुछ पलटकर रख देती है। इसलिये अच्छे दिनों मे अहंकार न करो और खराब समय में थोड़ा सब्र करो।